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सूक्ष्मवित्त पहलकदमियां

इस उपदटक का लक्षित परिणाम गरीब परिवारों के 44,100 स्वयं सहायता समूहों को 285.47 करोड़ रू. (68 करोड़ अमेरिकी डॉलर) के एक सूक्ष्मवित्त पोर्टफोलियो का विकास और प्रबंधन करने में सक्षम बबाना है। इस राशि में 34.30 करोड़ रू. (80 लाख अमेरिकी डॉलर) की संचयी सामूहिक बचत, 26 करोड़ रू. (60 लाख अमेरिकी डॉलर) का संचयी ब्याज प्रोदभवन (क्यूमुलेटिव इंटरेस्ट एक्रूअल) 51.40 करोड़ रू. (1.20 करोड़ अमेरिकी डॉलर) का संचयी सामुदायिक विकास निवेश सामिल है। यह लक्ष्य स्वयं सहायता समूह की नींव वाले स्वप्रबंधित समूदाय आधारित सम्गठनों में ऊपर से नीचे तक सूक्ष्मवित्त के निर्माण, विकास तथा पोषन के जरिए हासिल किया जाएगा।


परियोजना के जरिए सूक्ष्मवित्तीय हस्तक्षप का व्यापक ध्येय गरीबों के साथ बैंकिंग के दृष्तिकोण के मामले में विश्वास का महौल बनाना है। यह गरीनों की संस्थाओं के निर्माण की दिशा में लक्षित है जिन गरीनों का वित्तीय कौशल और टिकाऊपन के गुणों के आधार पर संस्थाओं के संचालन के लिए पर्याप्त सशक्तीकरण किया जाय। इसका लक्ष्य मुख्य धारा की वित्तीय संस्थाओं तथा स्वयं सहायता प्रोत्साहन संस्थाओं (एसएचपीआइ) और सूक्ष्मवित्त संस्थाओं जैसे अन्य पूरक श्रोतों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में वित्त का प्रवाह सुनिशिचत करने के लिए बहुदिशायी रणनीति अपनाना है। इसके अलावा, इस उप-घटक का मध्यकालिक उद्धेश्य इस प्रकार हैः


  • यह सुनिश्चित करना कि परियोजना में स्थापित अथवा सुदृढ़ीकृत समुदाय आधारित संगठनों के लिए परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाय और उनकी आय में सुधार हो।

  • अपने सुरक्षित परिसंपत्ति आधार को आर्थिक रूप से सक्षम, वर्धित तथा टिकाऊ जीविका में तब्दील करने में गरीबों की मदद करना।

  • पार्दर्शिता, जवाबदेही तथा अन्य हिस्सेदारों (स्टेकहोल्डर्स) के लिए विश्वास के परिवेश को बढ़ावा देने के लिहाज से समुदाय आधारित संगठनों को बहीखाता लेखन एवं लेखाकरण प्रणाली संबंधी मदद देना।

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